मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोले: 2017 से पहले यूपी में सामाजिक समरसता को पहुंचाया गया आघात
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 | 11:44 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'भारत रत्न' सरदार वल्लभभाई पटेल की पावन जयंती पर समस्त प्रदेशवासियों को बधाई दी है। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि लौह पुरुष का जीवन हर भारतीय के लिए 'राष्ट्र प्रथम' की प्रेरणा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2017 से पहले राज्य में तुष्टीकरण, जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति ने सामाजिक समरसता को गहरा नुकसान पहुंचाया था। हालांकि, अब डबल इंजन की सरकार में विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देकर राज्य में सामाजिक ताने-बाने को मजबूत किया गया है।
सरदार पटेल जयंती पर योगी आदित्यनाथ का संदेश और 'रन फॉर यूनिटी'
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारत के शिल्पकार सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। आज योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस के पावन अवसर पर हर नागरिक से 'रन फॉर यूनिटी' में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष का जीवन यह सिखाता है कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसकी आंतरिक एकता में छिपी होती है। जब तक राष्ट्र का हर नागरिक एकजुट नहीं होगा, तब तक समग्र विकास की कल्पना अधूरी रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का सपना तभी पूरा हो सकता है जब हम सरदार साहब के बताए रास्ते पर चलें। हाल ही में राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। यदि हम देखें तो यूपी में आधारभूत ढांचे और कनेक्टिविटी के विस्तार से न केवल शहरों की दूरी कम हुई है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी संपर्क और राष्ट्रीय एकता की भावना भी मजबूत हुई है।
2017 से पहले और बाद का उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस पर विश्लेषण
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की राजनीतिक परिस्थितियों की तीखी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में जातिवादी और तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया जाता था। इससे समाज बंट रहा था और राष्ट्रीय एकता कमजोर हो रही थी। आज योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर यह याद दिलाते हैं कि कैसे 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में सुशासन का नया अध्याय शुरू हुआ।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र को अपनाया है। किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव किए बिना हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब तक भयमुक्त माहौल नहीं होगा, तब तक सामाजिक समरसता संभव नहीं है। उदाहरण के तौर पर, यूपी में सुरक्षा और व्यापारियों के मन से खौफ खत्म होने से राज्य में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ी हैं और आम जनता का भरोसा सुदृढ़ हुआ है।
राष्ट्रीय एकता और सुशासन के प्रमुख बिंदु: राजनीतिक एवं प्रशासनिक विश्लेषण
आज योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस पर जिन मुख्य बातों पर जोर दे रहे हैं, उन्हें निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
- तुष्टीकरण की राजनीति का अंत: साल 2017 के बाद से बिना किसी भेदभाव के सभी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
- कानून-व्यवस्था में सुधार: अपराधियों पर कड़ा शिकंजा कसने से आम जनता में सुरक्षा का भाव उत्पन्न हुआ है, जिससे सामाजिक समरसता बढ़ी है।
- 'राष्ट्र प्रथम' की भावना: राज्य प्रशासन की हर नीति में राष्ट्रीय हित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
- सरदार पटेल की विरासत को नमन: 'रन फॉर यूनिटी' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी में देशभक्ति का अलख जगाया जा रहा है।
इस प्रकार योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस को केवल एक औपचारिक आयोजन न मानकर इसे राष्ट्रीय चेतना जगाने का अभियान मानते हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि विभाजनकारी ताकतों को नाकाम करना हर भारतीय का परम कर्तव्य है।
आम नागरिक के जीवन और सामाजिक समरसता पर इस बदलाव का सीधा असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब किसी राज्य में तुष्टीकरण की जगह सुशासन ले लेता है, तो इसका सीधा असर आम नागरिक के दैनिक जीवन पर पड़ता है। योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर यही संदेश देना चाहते हैं कि विकास का लाभ हर गरीब, किसान, युवा और महिला तक पहुंचना ही असली समरसता है। जब समाज में सुरक्षा और बराबरी का माहौल होता है, तो सांप्रदायिक और जातिगत तनाव अपने आप समाप्त हो जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में अपील की कि आइए हम सब मिलकर सरदार पटेल जी की जयंती पर 'राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम' के अटल संकल्प को दोहराएं। इस प्रकार योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय एकता दिवस पर पूरे प्रदेश को एकजुट होकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने की प्रेरणा देते हैं।