देहरादून: पीएम किसान उत्सव दिवस पर भव्य कार्यक्रम, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लिया हिस्सा
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 | 03:43 PM
पहाड़ी कृषि और छोटे किसानों के सामने जमीनी चुनौतियाँ
उत्तराखंड की राजधानी में पीएम किसान उत्सव दिवस देहरादून का शानदार आयोजन किया गया। देहरादून के हाथीबड़कला स्थित सर्वे ऑडिटोरियम में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की कृषि कल्याण योजनाओं को धरातल पर उतारना और राज्य के किसानों को सम्मानित करना था।
कार्यक्रम में आए कई किसान भाइयों ने बताया कि बाजार तक पहुँच कम होने से उन्हें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता है। राज्य में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और कृषि मुद्दों की तरह ही यहाँ के जैविक उत्पादकों को भी सही विपणन सहायता की जरूरत है। अगर समय पर बीज, खाद और सही तकनीकी जानकारी न मिले, तो छोटे किसानों की लागत बढ़ जाती है और मुनाफा घट जाता है।
कृषि कल्याण योजनाएँ और धामी सरकार के ठोस कदम
इन समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। पीएम किसान उत्सव दिवस देहरादून के मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना ने देश और प्रदेश के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहारा दिया है। इस योजना के तहत सीधे किसानों के बैंक खातों में आर्थिक मदद भेजी जा रही है, जिससे वे बिना किसी कर्ज के बीज और उर्वरक खरीद पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि उत्तराखंड में जैविक खेती और मौन पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में पॉलीहाउस निर्माण के लिए विशेष सब्सिडी दी जा रही है। पीएम किसान उत्सव दिवस देहरादून कार्यक्रम के दौरान आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहाँ किसानों को नई तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
किसानों के काम आने वाले जरूरी सुझाव
अगर आप भी उत्तराखंड में खेती करते हैं और सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं, तो इन बातों पर जरूर ध्यान दें:
- ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा रखें: पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त बिना रुकावट पाने के लिए अपना बैंक खाता और आधार कार्ड जरूर लिंक कराएं।
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) बनवाएं: अपने खेत की मिट्टी की जाँच कराएं ताकि पता चल सके कि कौन सी फसल और कितनी खाद सही रहेगी।
- जैविक खेती अपनाएं: राज्य सरकार जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए अनुदान दे रही है, इसका फायदा उठाकर लागत घटाएं।
- कृषि विभाग से संपर्क में रहें: अपने नजदीकी ब्लॉक या कृषि केंद्र जाकर नई सब्सिडी योजनाओं की जानकारी लेते रहें।
सशक्त किसान और समृद्ध उत्तराखंड का भविष्य
निष्कर्ष के तौर पर, पीएम किसान उत्सव दिवस देहरादून का आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जब राज्य का किसान आत्मनिर्भर और सशक्त होगा, तभी उत्तराखंड का विकास तेजी से हो पाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भरोसा दिया कि राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। अगर आधुनिक तकनीक, सही नीतियों और किसानों की मेहनत का सही तालमेल बना रहा, तो आने वाले समय में उत्तराखंड कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
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