🇮🇳 भारत | शनिवार, 12 सितंबर 2026 | 07:02 PM
देश की पत्रिका
ब्रेकिंग न्यूज़

BRICS Summit 2026 Live Updates: इथियोपिया और मलेशिया के पीएम से मिले मोदी, चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग के साथ अहम वार्ता आज

Desh Ki Patrika Desk
Desh Ki Patrika Desk

संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 12 सितंबर 2026 | 11:38 AM

⏱️ 8 मिनट
BRICS Summit 2026 Live Updates: इथियोपिया और मलेशिया के पीएम से मिले मोदी, चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग के साथ अहम वार्ता आज
शेयर करें:

BRICS Summit 2026 Live Updates: भारत की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की आधिकारिक एवं भव्य शुरुआत हो चुकी है। 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे इस उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष और वैश्विक कूटनीतिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में आयोजित शिखर सम्मेलन की मुख्य थीम \"रेजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी\" रखी गई है, जिसका मूल संदेश 'इंसानियत सबसे पहले' की भावना को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है।

द्विपक्षीय वार्ताओं का दौर: पीएम मोदी की वैश्विक नेताओं से मुलाकात

सम्मेलन के पहले दिन प्रातःकाल से ही कूटनीतिक बैठकों का गहन सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में कई शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। सुबह 10:00 बजे पीएम मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद के साथ व्यापार, कृषि, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा की। इसके उपरांत, प्रातः 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में दक्षिण-पूर्व एशिया में आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करने का खाका तैयार किया गया।

इसी कड़ी में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ भी द्विपक्षीय संवाद संपन्न हुए। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और जनसांख्यिकी बदलावों के बीच भारत अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत कर रहा है। जैसे कि 1947 में भारत की आबादी करीब 34 करोड़ थी, जो 2026 में 147 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है, उसी प्रकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का आर्थिक और कूटनीतिक दायरा भी अत्यधिक व्यापक हुआ है।

भारत मंडपम में शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत एवं आज की कार्यसूची

BRICS Summit 2026 Live Updates के अंतर्गत दोपहर 2:00 बजे भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन का औपचारिक रूप से शुभारंभ हुआ। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे प्रथम सत्र का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय \"समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना\" निर्धारित किया गया था। शाम 4:30 बजे सभी ब्रिक्स देशों के नेता 'भारत इनोवेट्स' प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे, जहाँ भारत की स्वदेशी तकनीक और डिजिटल उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया है।

शाम 5:00 बजे ब्रिक्स नेताओं की आधिकारिक 'फैमिली फोटो' ली जाएगी, जिसके पश्चात 5:30 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कद और वैश्विक नेतृत्व दृष्टि पर प्रकाश डालते हुए कई विश्लेषकों का मानना है कि PM मोदी 15 अगस्त भाषण: भारत की कुंडली से नए साल का हाल जिस तरह देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है, उसी तरह ब्रिक्स का यह सफल मंच भारत को विश्वबंधु के रूप में स्थापित कर रहा है।

भारत-चीन संबंध: शी चिनफिंग की यात्रा और सीधी उड़ानों की घोषणा

नागरिक उड्डयन सेवा की बहाली और ग्वांगझू-दिल्ली रूट

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुँच चुके हैं। उनके आगमन से पूर्व भारत में चीनी राजनयिक शू फेइहोंग ने पुष्टि की कि शाम 5:45 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच भारत मंडपम में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी। सीमावर्ती विषयों एवं द्विपक्षीय व्यापारिक संतुलन के दृष्टिकोण से इस बैठक को अत्यधिक अहम माना जा रहा है। इसी बीच, चाइना सदर्न एयरलाइंस ने छह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद 21 सितंबर से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच सीधी यात्री विमान सेवा (फ्लाइट CA11) को पुनः शुरू करने की घोषणा की है।

ग्लोबल हेल्थ और बहुपक्षीय सहयोग के संदर्भ में, डब्ल्यूएचओ (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली पहुंचे हैं। जिस प्रकार स्थानीय स्तर पर संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण की आवश्यकता होती है, जैसे कि केरल में लेप्टोस्पायरोसिस के मामले और बचाव के उपाय जानना आवश्यक है, उसी प्रकार वैश्विक स्तर पर महामारी की पूर्व तैयारी और स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचा तैयार करने के लिए डब्ल्यूएचओ की मौजूदगी बेहद प्रासंगिक है।

अभेद्य सुरक्षा घेरे में दिल्ली और रूसी राष्ट्रपति पुतिन का बयान

मल्टी-लेयर सुरक्षा और 25,000 जवानों की तैनाती

सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरी राष्ट्रीय राजधानी और विशेष रूप से भारत मंडपम परिसर को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए करीब 25,000 जवानों की तैनाती की गई है, जिसमें दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और एनएसजी (NSG) के ब्लैक कैट कमांडो शामिल हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखने के लिए डॉग स्क्वायड, एआई-संचालित सर्विलांस सिस्टम और एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

दूसरी ओर, सम्मेलन में भाग ले रहे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि \"रूस का यूरोपीय देशों को धमकाने या उनके साथ किसी भी प्रकार के टकराव का कोई इरादा नहीं है।\" पुतिन ने स्पष्ट किया कि द्वितीय विश्व युद्ध और सोवियत संघ के विघटन के उपरांत बनी व्यवस्था को रूस स्वीकार कर चुका है, अतः अकारण तनाव की कोई आवश्यकता नहीं है।

Desh Ki Patrika Desk

देश की पत्रिका डिजिटल संपादकीय टीम। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता।