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दिल्ली महिला ऑनलाइन शिकायत प्रणाली होगी बेहद सरल, सीएम रेखा गुप्ता ने दिए सख्त निर्देश

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संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 12 सितंबर 2026 | 11:28 AM

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दिल्ली महिला ऑनलाइन शिकायत प्रणाली होगी बेहद सरल, सीएम रेखा गुप्ता ने दिए सख्त निर्देश
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राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली महिला ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को और अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) को निर्देश दिए हैं कि आनलाइन शिकायत एवं निवारण व्यवस्था का ढांचा इस प्रकार तैयार किया जाए, जिससे कोई भी पीड़ित महिला बिना किसी तकनीकी कठिनाई के अपनी शिकायत दर्ज करा सके। साथ ही, शिकायतकर्ता को उसके निस्तारण की अद्यतन स्थिति (स्टेटस) की रीयल-टाइम जानकारी भी लगातार मिलती रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में आयोजित एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान यह अहम फैसला लिया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता, आयोग की सम्मानित सदस्य और शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रशासनिक कार्यशैली को अधिक संवेदनशील और त्वरित बनाने पर जोर दिया गया।

प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेह बनाने की अपनी नीति को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस प्रकार हाल ही में सीएम जनता दर्शन जन समस्याएं समाधान कार्यक्रम के जरिए आम लोगों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जा रहा है, ठीक उसी तर्ज पर महिलाओं से जुड़े मामलों का भी बिना देरी के समाधान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों से कहा कि कागजी औपचारिकताओं के बजाय धरातल पर परिणाम दिखने चाहिए, जैसा कि उन्होंने सड़कों की अव्यवस्था पर 'बहानेबाजी नहीं जमीन पर काम दिखाएं' का सख्त अल्टीमेटम देकर प्रशासनिक तंत्र को सचेत किया था।

डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता अभियान

बैठक में मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि आधुनिक दौर में डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रसार के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ा है। इसलिए छात्राओं और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, साइबर सुरक्षा तथा इंटरनेट मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना समय की मांग है।

कालेजों और शिक्षण संस्थानों में विशेष अभियान

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिल्ली के सभी कालेजों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इन अभियानों के माध्यम से छात्राओं को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी:

  • आनलाइन उत्पीड़न और साइबर बुलिंग से बचाव के तरीके।
  • इंटरनेट मीडिया का सुरक्षित उपयोग और निजता की सुरक्षा।
  • साइबर ठगी और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के उपाय।
  • पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और महिलाओं के संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रविधान।

डिजिटल युग में महिला अधिकारों और सुरक्षा पर अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर बहस होती रही है। जिस प्रकार से सार्वजनिक जीवन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं गर्म रहती हैं—जैसे कि पूर्व में स्वरा भास्कर पद्मावत जौहर विवाद के दौरान महिला अधिकारों और गरिमा पर व्यापक विचार-विमर्श देखा गया था—उसी प्रकार जमीनी स्तर पर महिलाओं को कानूनी रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य सुरक्षा: एचपीवी टीकाकरण और सर्वाइकल कैंसर से बचाव

महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी समीक्षा बैठक में अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, गरीब और जरूरतमंद वर्गों की पात्र किशोरियों तक निश्शुल्क एचपीवी टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। इस योजना का लाभ हर पात्र किशोरी तक पहुंचे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला आयोग मिलकर विशेष शिविर आयोजित करेंगे।

वन स्टॉप सेंटर (सखी) और आश्रय गृहों का जमीनी निरीक्षण

पीड़ित महिलाओं को तुरंत राहत और आश्रय प्रदान करने वाली संस्थाओं की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए सीएम ने अधिकारियों को मैदान में उतरने के निर्देश दिए। संकट की स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने वाले 'वन स्टॉप सेंटर' (सखी) तथा सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित महिला आश्रय एवं देखभाल गृहों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन आश्रय गृहों में रह रही महिलाओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। वहां निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं:

  • त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता।
  • पेशेवर मनोवैज्ञानिक परामर्श (काउंसलिंग)।
  • निशुल्क और प्रभावी कानूनी सहायता।
  • पुनर्वास और कौशल विकास संबंधी सुविधाएं।

शहर के समग्र विकास और सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए यह बात भी सामने आई कि सार्वजनिक स्थानों और परिवहन प्रणालियों में भी सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन अनिवार्य है। हाल के दिनों में दिल्ली मेट्रो लापरवाही के मामलों से सीख लेते हुए, सार्वजनिक आवाजाही के सभी स्थानों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक सुधार और भावी दृष्टिकोण

दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल शहर के समग्र विकास मॉडल का ही एक हिस्सा है। सरकार जिस प्रकार बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए दिल्ली में सड़कों की खुदाई रोकने के नए नियम लागू कर रही है और युवाओं के प्रोत्साहन हेतु दिल्ली खिलाड़ियों की वित्तीय सहायता योजना चला रही है, उसी प्रकार महिला सुरक्षा और कल्याण को भी शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया है।

निष्कर्षतः, दिल्ली महिला ऑनलाइन शिकायत प्रणाली के सरल और पारदर्शी होने से राजधानी की लाखों महिलाओं को अपनी बात निर्भीक होकर डिजिटल माध्यम से रखने का संबल मिलेगा। दिल्ली सरकार का यह कदम न केवल महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

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देश की पत्रिका डिजिटल संपादकीय टीम। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता।