मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार 28 जून को हाथरस के सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र (UPSIDA) पहुंचे, जहां उन्होंने 548 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने पूरी ताकत झोंकते हुए 400 बसों से समर्थकों को जनसभा स्थल तक पहुंचाया।
लेकिन कार्यक्रम एक विवादास्पद घटना से भी चर्चा में आ गया — काली साड़ी, काला सूट-सलवार पहने महिलाओं और काली टी-शर्ट व शर्ट पहने युवकों को जनसभा स्थल में प्रवेश से रोक दिया गया और वापस भेज दिया गया।
CM योगी के हाथरस दौरे में 55 परियोजनाओं का लोकार्पण और 88 नई परियोजनाओं का शिलान्यास — कुल 548 करोड़ रुपये के विकास कार्य।
CM योगी हाथरस दौरे में क्या-क्या हुआ: मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 11:20 बजे सलेमपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित हेलीपैड पर उतरे। इसके बाद कार से 11:30 बजे मुख्य कार्यक्रम स्थल पहुंचे। दोपहर 12:30 बजे तक चले कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और जनसभा हुई। दोपहर 12:40 बजे वे हेलीकॉप्टर से आगरा के लिए रवाना हो गए।
| समय | कार्यक्रम |
|---|---|
| 11:20 AM | सलेमपुर हेलीपैड पर आगमन |
| 11:25 AM | कार द्वारा कार्यक्रम स्थल के लिए प्रस्थान |
| 11:30 AM – 12:30 PM | लोकार्पण, शिलान्यास एवं जनसभा |
| 12:30 PM | कार्यक्रम स्थल से हेलीपैड के लिए प्रस्थान |
| 12:40 PM | हेलीकॉप्टर से आगरा के लिए रवानगी |
CM योगी हाथरस दौरे में 548 करोड़ की परियोजनाएं: क्या है खास?
इस दौरे में मुख्यमंत्री ने कुल 55 पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिनकी लागत 29,961.15 लाख रुपये (लगभग 300 करोड़) है। इन सभी परियोजनाओं की भौतिक प्रगति 90 प्रतिशत से अधिक या शत-प्रतिशत पूर्ण है। इनमें सबसे प्रमुख हैं — हाथरस-जलेसर मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण (36.98 करोड़) और सासनी-नानऊ मार्ग का चौड़ीकरण (18.96 करोड़)।
इसके अलावा 24,843.71 लाख रुपये (लगभग 248 करोड़) की 88 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। प्रमुख शिलान्यास परियोजनाओं में सासनी-अकराबाद मार्ग चौड़ीकरण (23.70 करोड़), हाथरस जंक्शन से बेरगांव मार्ग चौड़ीकरण (10.87 करोड़), जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकास (14.32 करोड़) और नए साइबर थाने का प्रशासनिक भवन (3.83 करोड़) शामिल हैं।
काली साड़ी-शर्ट पहनकर आए लोगों को रोका: हाथरस दौरे का विवादास्पद पहलू
इस दौरे का एक पहलू विवादों में भी रहा। जनसभा स्थल पर काली साड़ी या काला सूट-सलवार पहनकर आई महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया गया और उन्हें वापस लौटा दिया गया। केवल महिलाएं ही नहीं, काली टी-शर्ट या काली शर्ट पहने युवकों को भी जनसभा में जाने से रोका गया।
लौटाए गए लोगों ने प्रशासन से सवाल किया कि क्या किसी रंग पर किसी धर्म का एकाधिकार है, जिसके आधार पर भारत में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में जाने से रोका जा सकता है। इस घटना पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण स्रोत सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
400 बसें, 1510 पुलिसकर्मी: CM योगी हाथरस दौरे की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
जनसभा की तैयारियों में भाजपा संगठन ने पूरी ताकत झोंकी। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए एक-एक बस लगाई गई और अन्य जिलों से भी निजी बसें मंगाई गईं। कार्यकर्ताओं को गांव और बूथ स्तर तक जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत आगरा जोन से भारी पुलिस बल पहले ही हाथरस पहुंच गया था। कार्यक्रम स्थल पर तीन प्रवेश द्वार बनाए गए — एक VIP गेट और दो आम नागरिकों के लिए। राजकीय महामाया आईटी पॉलिटेक्निक को सेफ हाउस और सेफ हॉस्पिटल के रूप में तैयार किया गया। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कुल 1510 पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने शनिवार को स्वयं कार्यक्रम स्थल का गहन निरीक्षण किया और देर रात तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया। CM योगी का हाथरस दौरा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले की रणनीतिक तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
संपादकीय नोट: यह लेख भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आधिकारिक पत्र और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
