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नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन देहरादून: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, युवाओं को दिलाई संकल्प की शपथ

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संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | 12:16 PM

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नशामुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन देहरादून: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, युवाओं को दिलाई संकल्प की शपथ
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खेल, योग और सकारात्मक जीवनशैली को अपनाएं युवा

मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए उनसे अपनी दैनिक दिनचर्या में खेल, योग, ध्यान और शारीरिक व्यायाम को अनिवार्य रूप से शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अच्छी संगति और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को हर प्रकार के व्यसन से दूर रख सकती है। उन्होंने युवाओं से कहा, "आप इस अभियान में केवल एक प्रतिभागी या दर्शक बनकर न रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में इसके नेतृत्वकर्ता बनें। अपने आसपास के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करें और भटके हुए युवाओं को सही राह पर लाएं।" युवाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर बल देते हुए सरकार लगातार रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है, जैसा कि हाल ही में सीएम धामी ने 1600 पदों को जल्द भरने का एलान कर युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया है।

त्रिस्तरीय रणनीति: जागरूकता, कड़ा उपचार और प्रभावी पुनर्वास

नशे के खिलाफ अपनी सरकार की दूरगामी रणनीति को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पुलिस बल और सरकारी मशीनरी के दम पर नशाखोरी के खिलाफ जंग नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। राज्य सरकार त्रिस्तरीय मॉडल—जागरूकता (Awareness), उपचार (Healthcare) और पुनर्वास (Rehabilitation)—पर तेजी से काम कर रही है। एक तरफ जहां पुनर्वास केंद्रों को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर कई नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं। हाल में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में भी जन-कल्याण और युवा कल्याण से जुड़ी विभिन्न नीतियों पर विस्तार से मंथन किया गया है।

सामूहिक जनभागीदारी से ही साकार होगा नशामुक्त देवभूमि का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभिभावकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और मानसिक स्थिति पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि जब तक नशामुक्ति का संकल्प हर नागरिक के विचार, आचार और व्यवहार का स्वाभाविक हिस्सा नहीं बन जाता, तब तक यह लड़ाई अधूरी रहेगी। ओएनजीसी परिसर से शुरू हुआ यह वॉकथॉन देहरादून के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ युवाओं में नशामुक्ति की अलख जगाने में पूरी तरह सफल रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जिले और तहसील स्तर पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रखी जाएगी।

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