अजीत डोभाल के अपमान और घुसपैठिए बयान पर सीएम पुष्कर सिंह धामी राहुल अखिलेश पर भड़के
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 7 नवंबर 2026 | 04:15 PM
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के अपमान पर नेताओं की चुप्पी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। हाल ही में सामने आए पुष्कर सिंह धामी राहुल अखिलेश बयान के सियासी गलियारों में काफी चर्चे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए देश की सुरक्षा और उत्तराखंड की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह की जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य डबल इंजन सरकार के सहयोग से विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन कुछ लोग इस प्रगति को देखकर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति रखना और सवाल पूछना सबका अधिकार है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काना और अफवाह फैलाना बिल्कुल गलत है।
मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा कि जब देश के महान सपूत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अपमान किया जाता है, तब विपक्ष के बड़े नेता चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उनके सहयोगियों का यह रवैया देश की सुरक्षा के प्रति उनकी गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
सीएम धामी ने यह भी कहा कि जब समाजवादी पार्टी के नेता और राहुल गांधी के मित्र अखिलेश यादव उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताते हैं, तब भी विपक्षी नेता एक शब्द नहीं बोलते। उन्होंने कहा कि हम अवैध रूप से भारत में आने वाले लोगों को घुसपैठिया कहते हैं, लेकिन विपक्षी दलों के नेता राज्य की जनता को ही घुसपैठिया बता रहे हैं।
गठबंधन की प्राथमिकता और चुनावी माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों के लिए उत्तराखंड का सम्मान और स्वाभिमान मायने नहीं रखता, बल्कि उनके लिए केवल उनका राजनीतिक गठबंधन ही पहली प्राथमिकता है। जनता अब सब समझ चुकी है और इन बयानों का जवाब आने वाले चुनावों में देगी।
इस स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए थे। उन्होंने भी राज्य सरकार के विकास कार्यों की सराहना करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा था। राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन बयानों ने राजनीतिक पारे को काफी बढ़ा दिया है।