उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का अध्ययन करने के लिए हरियाणा विधानसभा की उच्चस्तरीय शिक्षा समिति सोमवार को लखनऊ पहुंची. समिति ने विधानसभा सभागार में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर योगी सरकार के शिक्षा मॉडल की विस्तृत जानकारी हासिल की.
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 24 राज्य विश्वविद्यालय, 56 निजी विश्वविद्यालय और 216 राजकीय महाविद्यालय संचालित हैं, वहीं 71 नए राजकीय महाविद्यालयों में 46 में शैक्षिक सत्र 2025-26 से पढ़ाई शुरू हो चुकी है. समिति ने डिजिटल गवर्नेंस, शिक्षक कल्याण योजनाओं और छात्र सुविधाओं को लेकर हो रहे कार्यों को सराहनीय बताया.
प्रदेश में उच्च शिक्षा से जुड़े सुधारों को हरियाणा विधानसभा समिति ने अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल करार दिया.
71 नए राजकीय महाविद्यालय और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़े कदम
प्रदेश में स्थापित 71 नए राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य, सहायक आचार्य, पुस्तकालयाध्यक्ष और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के कुल 1,349 पद सृजित किए गए हैं. इसके साथ ही सभी मंडलों में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक निगरानी बेहतर हुई है.
डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में ई-ऑफिस के माध्यम से पत्रावलियों का संचालन किया जा रहा है. सत्र 2024-25 से सभी राज्य व निजी विश्वविद्यालयों में समर्थ पोर्टल लागू किया गया है, जबकि सत्र 2025-26 से छात्रों का प्रवेश भी इसी पोर्टल के जरिए हो रहा है.
शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना, छात्रों को मिलेगा स्मार्टफोन और टैबलेट
योगी सरकार ने उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की है. इस योजना से राज्य, निजी, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के करीब 7.5 लाख लोगों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है. शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी जल्द इस दायरे में लाने की तैयारी चल रही है.
वहीं स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्मार्टफोन और टैबलेट बांटे जा रहे हैं. शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 में 500 लाख रुपये तथा राजकीय महाविद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं के लिए 13.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
छात्रों के कौशल विकास पर जोर, शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी
मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत तकनीकी कार्यों में दक्ष बनने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. इसके अलावा मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और मुख्यमंत्री भारतीय ज्ञान प्रणाली वैश्विक उत्कृष्टता कोष जैसी योजनाएं भी संचालित हैं.
शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राजकीय महाविद्यालयों में चयनित 840 प्रवक्ताओं की ऑनलाइन पदस्थापना पूरी की जा चुकी है, जबकि 1,253 पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है. सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भी प्राचार्य व प्रवक्ता पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है.
हरियाणा समिति ने बेसिक शिक्षा सुधारों की भी की सराहना
बैठक के दूसरे चरण में हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात की. अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और निपुण भारत मिशन जैसे कार्यक्रमों की जानकारी दी.
समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश का शिक्षा मॉडल गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-सक्षम और छात्र-केंद्रित है. डिजिटल निगरानी प्रणाली, विद्या समीक्षा केंद्र और मानव संपदा पोर्टल जैसी व्यवस्थाओं को भी समिति ने अन्य राज्यों के लिए उपयोगी बताया.
लेखक परिचय
लेखक: वरिष्ठ राजनीतिक संवाददाता
विशेषज्ञता: राजनीति, जनसरोकार, करंट अफेयर्स
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