लखनऊ से काशी तक — 5 जून की सुबह एक अलग ही रंग में रंगी थी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 54वां जन्मदिन था। और जहाँ बड़े नेताओं के जन्मदिन अक्सर बंद कमरों में केक काटकर मना लिए जाते हैं, वहीं योगी के समर्थकों ने इस बार कुछ ऐसा किया जो सुर्खियों में आ गया।
वाराणसी में 54 किलोग्राम का विशाल लड्डू।
📚 यह भी पढ़ें
लखनऊ के इंदिरा नगर में खुला बीकानेरवाला का 6वां आउटलेट, 100 साल पुराने ब्रांड ने फिर किया धमाका
काशी ने दिया अनोखा तोहफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी हमेशा से भव्यता का शहर रहा है। लेकिन इस बार भाजपा समर्थकों और योगी के चाहने वालों ने जो किया, वो काफी चर्चा में रहा। 54 किलो का लड्डू — जो सीएम की उम्र 54 साल को दर्शाता है — बनवाया गया और उसे भगवान के सामने अर्पित किया गया।
सिर्फ लड्डू नहीं, बाकायदा पूजा-अर्चना भी हुई। मंदिरों में हवन, भजन-कीर्तन और सीएम की लंबी उम्र के लिए प्रार्थनाएं — माहौल किसी पर्व से कम नहीं था।
“योगी जी सिर्फ हमारे मुख्यमंत्री नहीं, वो हमारे आस्था के प्रतीक हैं,” वाराणसी में मौजूद एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा। “इसीलिए हमने सोचा कि उनका जन्मदिन भी उतने ही धार्मिक भाव से मनाएं।”
पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल
बात सिर्फ वाराणसी तक नहीं रुकी। लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और कई जिलों में सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय हो गए थे। कहीं रक्तदान शिविर लगाए गए, कहीं गरीबों को भोजन वितरित किया गया, तो कहीं पौधारोपण कार्यक्रम चले।
गोरखपुर — जो योगी आदित्यनाथ का अपना शहर है और जहाँ वो गोरखनाथ मंदिर के महंत भी हैं — वहाँ का माहौल तो और भी खास था। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा।
योगी आदित्यनाथ: संत से सीएम तक का सफर
📚 यह भी पढ़ें
बालेन शाह नेपाल के PM बने तो भारत के लिए कितना फायदेमंद? चिकन नेक पर रुख से समझें पूरी तस्वीर
5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में जन्मे अजय सिंह बिष्ट, जो आज योगी आदित्यनाथ के नाम से जाने जाते हैं — उनकी कहानी खुद एक असाधारण यात्रा है।
22 साल की उम्र में गोरखनाथ पीठ से जुड़े। 26 साल की उम्र में सांसद बने। और 2017 में उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री।
भगवा वस्त्र, तीखी जुबान और zero-tolerance की छवि — योगी की पहचान आज पूरे देश में है। समर्थक उन्हें ‘बुलडोजर बाबा’ कहते हैं, जो माफियाओं पर सख्त कार्रवाई का प्रतीक बन गया है।
54 साल में क्या बदला UP में?
योगी सरकार अपने कार्यकाल में कई बड़े दावे करती रही है — कानून-व्यवस्था में सुधार, निवेश में बढ़ोतरी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद उत्तर प्रदेश की global पहचान भी बदली है।
हालांकि विपक्ष के अपने सवाल हैं — बेरोजगारी, किसानों की स्थिति और कानून-व्यवस्था पर समय-समय पर उठती आवाजें। लेकिन भाजपा समर्थकों के लिए आज का दिन इन सब से परे, सिर्फ जश्न का दिन था।
लड्डू की परंपरा और राजनीतिक संदेश
भारत में नेताओं के जन्मदिन पर बड़े-बड़े केक और लड्डू बनाने की परंपरा नई नहीं है। लेकिन 54 किलो का लड्डू — यह सिर्फ मिठाई नहीं है।
📚 यह भी पढ़ें
यूपी में बारिश का कहर: CM योगी ने 24 घंटे में मुआवजे का दिया आदेश, दर्जनों जिलों में तबाही
यह एक राजनीतिक संदेश भी है। कार्यकर्ताओं की निष्ठा का प्रदर्शन। जनता से जुड़ाव दिखाने का तरीका। और योगी की छवि को और मजबूत करने की कोशिश।
वाराणसी के घाटों पर जब दीपक जल रहे थे और भजन की आवाजें हवा में घुल रही थीं, तो शायद काशी भी इस जन्मदिन का हिस्सा बन गई थी — अपने खास अंदाज में।
